۴ خرداد ۱۴۰۱ |۲۳ شوال ۱۴۴۳ | May 25, 2022
अल कुरान इंस्टीट्यूट

हौज़ा / उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अल कुरान इंस्टीट्यूट के प्रभारी मुहम्मद क़मर आलम नदवी ने कहा, " अल कुरान इंस्टीट्यूट 2003 में स्थापित किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य धर्म और राष्ट्र के भेद भाव के बिना पूरी मानवता तक कुरान का संदेश फैलाना है।" क्योंकि अल्लाह शब्द केवल मुसलमानों के लिए नहीं है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार क़मर आलम नदवी ने कहा कि हमारे पास विभिन्न भाषाओं में पवित्र कुरान के अनुवाद मौजूद हैं ताकि जिसे जो भाषा आती है उसे उसी भाषा मे कुरान प्रदान करना पड़े। हमारे संस्थान में हिंदी, उर्दू, बंगाली, मराठी, गुजराती, तमिल और अन्य भाषाओं में कुरान है।

"हमारी विशिष्टता यह है कि युवा स्कूल और कॉलेज के बच्चे, बड़ी उम्र की महिलाएं पवित्र कुरान के पाठ को ठीक करती हैं, साथ ही कुरान का अनुवाद भी सिखाया जाता है।

हुमा परवीन (शिक्षक) ने कहा कि स्कूल और कॉलेज के अलावा, घर में काम करने वाली महिलाएं कुरान सीखने के लिए इंस्टीट्यूट आती हैं। हमारे यहा आयु पर कोई प्रतिबंध नहीं है और कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। यहां एक-एक घंटे की कक्षाएं होती हैं, जिसमें इस्लामी जानकारी और कुरान के पाठ को सही ढंग से पढ़ाया जाता है।

इसके अलावा, कुरान के अनुवाद और अर्थ को भी समझाया गया है ताकि महिलाएं समझ सकें और अपना जीवन जी सकें।

ज़ैनब खान ने बातचीत के दौरान कहा कि यहां सीखने के लिए बहुत कुछ है। हम कुरान पढ़ने में गलती करते थे लेकिन अब हम इसे बहुत आसानी से पढ़ सकते हैं। साथ ही हमें उर्दू सीखने का मौका मिल रहा है।

अलीशा ने कहा कि कुरान संस्थान बहुत अच्छी तरह से पढ़ाता है। यहां हम लोगों से कुरान के पाठ को सही करते हैं और इसका अर्थ भी बताते हैं।

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