۶ تیر ۱۴۰۱ |۲۷ ذیقعدهٔ ۱۴۴۳ | Jun 27, 2022
آیت اللہ نوری ھمدانی

हौज़ा / अयातुल्लाह नूरी हमदानी ने कहा: दुश्मन इस्लामी गणतंत्र ईरान और इस्लाम के प्रति अपनी दुश्मनी कभी नहीं छोड़ेंगे। दुश्मन से लड़ने के लिए, दुशमन से मुकाबला करने के लिए हमे एकजुट होना चाहिए और इमाम खुमैनी और इस्लामी क्रांति के नेता के आदेशों पर ध्यान देना चाहिए।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, अय्यामुल्लाहे अशर ए फज्र (इस्लामी क्रांति की सफलता के दिनों) का महत्व उस समय बढ़ जाता है जब सभी जानते हैं कि इस्लामी सभ्यता का स्रोत इस्लाम है। लेकिन आज पश्चिम सहित दुनिया के ज्ञान केंद्र इस्लाम से प्राप्त होने वाले ज्ञानो को मुसलमानों के सामने आधुनिक विज्ञान के रूप में प्रस्तुत करते है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट अनुसार शनिवार को हमदान के मदरसे के प्रिंसिपल आयतुल्लाह मूसवी इस्फ़हानी, हमदान के इमामे जुमा हुज्जत-उल-इस्लाम वल मुस्लेमीन शाबानी और शहर के कुछ शिक्षक और आइम्मा ए जुमा से बैठक के दौरान बात करते हुए इस्लामी क्रांति की सफलता के दिनो की बधाई देते हुए इस्लामी क्रांति के परिणाम के महत्व को समझाया और कहा: युवाओं को इस्लामी क्रांति के परिणामो के बारे में जागरूक करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा: "इस्लामी सभ्यता का स्रोत इस्लाम है, लेकिन आज, पश्चिम सहित दुनिया के ज्ञान केंद्र इस्लाम से प्राप्त होने ज्ञान को मुसलमानों के सामने आधुनिक विज्ञान के रूप में प्रस्तुत करते हैं।"

अयातुल्लाह नूरी हमदानी ने कहा: दुश्मन इस्लामी गणतंत्र ईरान और इस्लाम के प्रति अपनी दुश्मनी कभी नहीं छोड़ेंगे। दुश्मन से लड़ने के लिए, दुशमन से मुकाबला करने के लिए हमे एकजुट होना चाहिए और इमाम खुमैनी और इस्लामी क्रांति के नेता के आदेशों पर ध्यान देना चाहिए।

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