۲۷ فروردین ۱۴۰۰ | Apr 16, 2021
ताहिरुल क़ादरी

हौज़ा / डॉ. हसन मोहयुद्दीन क़ादरी ने कहा कि लेखक और संकलन के एक हजार वर्षीय इस्लामी इतिहास में पहली बार डॉ. ताहिरुल-क़ादरी ने हज़रत अली से वर्णित हदीस के 12 संस्करणों का संग्रह संकलित किया है । जिसे मुसनद-ए-इमाम अली (अ.स.) के नाम से प्रकाशित किया जा रहा है, हदीस का यह संग्रह उलूमे हदीस के प्यासो के लिए इल्मी सेराबी का कारण बनेगा।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, मिन्हाजुल-कुरान इंटरनेशनल की सुप्रीम काउंसिल के प्रमुख डॉ. हसन मोहयुद्दीन- क़ादरी ने कहा है कि पवित्र पैगंबर (स.अ.व.व.) ज्ञान का शहर है और हज़रत अली ( क.ल.व.) उसका द्वार है। कोई भी व्यक्ति द्वार से गुजरे बिना शहर मे प्रवेश नहीं कर सकता है। हज़रत अली (क.ल.व.) साहस, शौर्य और ज्ञान के सागर थे। हज़रत अली (क.ल.व.) आंतरिक और आध्यात्मिक ख़िलाफ़त के बादशाह थे। वह पैगंबर के शानदार और भरोसेमंद साथियों में से एक थे, जिनकी पवित्रता की घोषणा ब्रह्मांड की सबसे आधिकारिक किताब पवित्र कुरान में अल्लाह द्वारा की गई है।

उन्होंने कहा कि आपने और आपके परिवार वालो ने सच्चे धर्म की महिमा के लिए अद्वितीय बलिदान किए हैं और मुहम्मद के धर्म के प्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जो कि प्रलय के दिन तक मार्गदर्शन का एक स्रोत रहेगा।

डॉ. हसन मोहयुद्दीन क़ादरी ने कहा कि लेखक और संकलन के एक हजार वर्षीय इस्लामी इतिहास में पहली बार डॉ. ताहिरुल-क़ादरी ने हज़रत अली से वर्णित हदीस के 12 संस्करणों का संग्रह संकलित किया है । जिसे मुसनद-ए-इमाम अली (अ.स.) के नाम से प्रकाशित किया जा रहा है, हदीस का यह संग्रह उलूमे हदीस के प्यासो के लिए इल्मी सेराबी का कारण बनेगा।

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