۲۴ مرداد ۱۴۰۱ |۱۷ محرم ۱۴۴۴ | Aug 15, 2022
तनज़ीमुल मकातिब

हौज़ा / क़ौम के भविष्य के निर्माण के लिए बच्चों की धार्मिक शिक्षा और परवरिश के साथ दुनयावी शिक्षा में महत्वपूर्ण सफलता आवश्यक है।इसलिए उनकी ज़रूरी धार्मिक शिक्षा के साथ दुनयावीशिक्षा में क्वालिटी को अच्छा करने और उन्हें कम से कम हाई स्कूल तक सहारा देकर कॉमपिटीशन के लायक बनाने के लिए तनज़ीमुल मकातिब ने इमामिया स्टडी सेंटर के नाम से एक लक्ष्य तय्यार किया और प्रयोग के बाद पूरे देश में लागू करने की तरफ़ क़दम बढ़ा दिया है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट अनुसार,  क़ौम के भविष्य के निर्माण के लिए बच्चों की धार्मिक शिक्षा और परवरिश के साथ दुनयावी शिक्षा में महत्वपूर्ण सफलता आवश्यक है।इसलिए उनकी ज़रूरी धार्मिक शिक्षा के साथ दुनयावीशिक्षा में क्वालिटी को अच्छा करने और उन्हें कम से कम हाई स्कूल तक सहारा देकर कॉमपिटीशन के लायक बनाने के लिए तनज़ीमुल मकातिब ने इमामिया स्टडी सेंटर के नाम से एक लक्ष्य तय्यार किया और प्रयोग के बाद पूरे देश में लागू करने की तरफ़ क़दम बढ़ा दिया है।

मकतब लेवल की ज़रूरी धार्मिक शिक्षा के साथ L.K.G से Fifth तक लड़को और लड़कियों को कोचिंग के रूप में अच्छे शिक्षकों की मदद से स्कूली शिक्षा की कमजोरियों को दूर करना और उन्हें शिक्षा के अच्छे क्षेत्रों में कॉमपिटीशन के लायक बनाना इमामिया स्टडी सेंटर के लक्ष्य में शामिल है।
जिसके लिए निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं:
1 मकतब लेवल की क़ुरआन,दीनयात और उर्दू की आवश्यक शिक्षा की व्यवस्था करना।
2 स्कूल से मिले हुए होमवर्क और असाइनमेंट को पूरा करवाना।
3 विज्ञान, गणित और अंग्रेजी जैसे मुख्य विषयों में बच्चों को मदद देकर डिस्टिंक्शन लेवल तक पहुँचाना।
अब तक देश के विभिन्न सूबों जैसे यूपी, बंगाल और उत्तराखंड के विभिन्न इलाकों में इमामिया स्टडी सेंटर खुल चुके हैं जिनमें प्रतिभाशाली और अनुभवी शिक्षकों द्वारा बच्चों की शिक्षा और परवरिश जारी है।

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