۶ تیر ۱۴۰۱ |۲۷ ذیقعدهٔ ۱۴۴۳ | Jun 27, 2022
 मौलाना अरशद हुसैन अर्मो

हौज़ा / दीने इस्लाम का संदेश शांति का संदेश है, लेकिन वसीम रिज़वी और उसके जैसे लोग दुनिया में शांति और व्यवस्था के खिलाफ हैं। क्योंकि वे दरअसल अल्लाह के कानून से डरे हुए हैं। इस्लामी कानून उनके कार्यों को उजागर करता है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के धार्मिक शिया उपदेशक मौलाना अरशद हुसैन अर्मो ने कहा कि पवित्र कुरान का अपमान यह साबित करता है कि वसीम रिज़वी और उनके साथी वास्तव में इस्लाम के दायरे से दूर हैं।
उन्होंने कहा कि दीने इस्लाम का संदेश शांति का संदेश है, लेकिन वसीम रिज़वी और उनके जैसे लोग दुनिया में शांति और व्यवस्था के खिलाफ हैं। क्योंकि वे वास्तव में अल्लाह के कानून से डरे हुए हैं।  इस्लामी कानून उनके कार्यों को उजागर करता है।
उन्होंने आगे कहा कि मुसलमानों में सांप्रदायिकता फैलाना उनकी सबसे बड़ी साजिश है। अल्हम्दुलिल्लाह उलेमाये इस्लाम ने इन के बयान कि  निंदा की और उसकी नापाक साजिश को उजागर किया।
मौलाना ने कहा कि उलेमाये इस्लाम को एकजुटता दिखानी होगी और इस्लाम विरोधी लोगों को बेनकाब करना होगा। कुराने पाक को समझने के लिए मुफस्सिरे हकीकी के बयानात का साथ में रखना लाज़मी है। ताकि कुरान के सही अर्थ को समझ सकें।

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