۳۱ اردیبهشت ۱۴۰۱ |۱۹ شوال ۱۴۴۳ | May 21, 2022
आयतुल्लाहिल उज़मा वहीद ख़ुरासानी

हौजा / हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा वहीद ख़ुरासानी ने कहा सभी धार्मिक निकायों और संघों को महदावियत के संस्कारों को जीवित रखने के लिए कदम उठाने चाहिए। दुनिया के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले मुसलमा इमाम महदी (अ.त.फ.श.) के धन्य जन्मदिन को मनाने का प्रयास करे। और कोशिश करें कि पिछले वर्षो की तुलना मे इस वर्ष की नीमे शाबान अनोखे तरीके से मनाया जाना चाहिए।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा वहीद ख़ुरासानी ने गुरुवार को हज़रत इमाम ज़मान (अ.त.फ.श.) के जन्म और नीमे शाबान के संबंध में अपने कार्यालय की इस्तिफ़ता समिति को संबोधित करते हुए कहा कि  पिछले वर्षो की तुलना मे इस वर्ष की नीमे शाबान अनोखे तरीके से मनाया जाना चाहिए।

आयतुल्लाहिल उज़मा के अभिभाषण का विवरण इस प्रकार है:

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्राहीम

इंशाल्लाह, इमाम ज़मान (अ.त.फ.श.) का जन्मदिन पिछले वर्षों की तुलना में अधिक धूमधाम के साथ मनाया जाना चाहिए। क्योंकि यदि एक क्षण के लिए ब्रह्मांड पर उनकी नजर न हो, तो ब्रह्मांड समाप्त हो जाएगा। हमारा अस्तित्व उनके आशीर्वाद के कारण है। इसलिए, यह हमारा कर्तव्य है कि हम सभी परिस्थितियों में उन्हें याद रखें और महदवियत के संस्कारों को जीवित रखें।

इंशाल्लाह, सभी धार्मिक संघ नीमे शाबान के पुनरुद्धार के लिए कदम उठाएंगे। उनके पुरस्कार शब-ए-क़द्र की तरह होंगे। शब-ए-क़द्र में आमाल लिखे जाएगे, उनकी सेवाओं को भी लिखा जाएगा। आपका भाग्य नीमे-शाबान में आपकी सेवाओं पर निर्भर करता है। नीमे शाबान हज़रत इमाम महदी (अ.त.फ.श.) के जन्म की रात है। इमाम ज़मान (अ.त.फ.श.) का धन्य अस्तित्व, दुनिया का स्रोत और धुरी है।

पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष नीमे शाबान को अधिक धूमधाम के साथ मनाएं। सबकी अपनी-अपनी नियति है, अपनी सामर्थ्य और वुसअत के अनुसार शब-ए-क़द्र के रास्ते पर चलें। इमाम ज़माना (अ.त.फ.श.) के धन्य अस्तित्व के कारण, शब्दों और आशीर्वादों की पूर्णता नीमे-शाबान में पाई जाती है। सभी नबियों और औलियाओ के पास ज्ञान के 30 अक्षरों में से केवल 2 अक्षर हैं, शेष 28 अक्षर इमाम ज़मान (अ.त.फ.श.) से संबंधित हैं। आपके महान जहूर के बदौलत प्रत्येक व्यक्ति की बुद्धि 40 लोगों की बुद्धि के बराबर होगी।

दुनिया के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले मुसलमानों को इस दिन को पुनर्जीवित करने का प्रयास करना चाहिए। शबे-क़द्र, जो कि तकदीर की रात है, इमाम (अ.त.फ.श.) के समर्थन के साथ आएगी। आप (अ.त.फ.श.) अल्लाह की अनुमति के साथ चीजों को बदलने की शक्ति रखते है। यह वर्ष पिछले वर्षों से अलग होना चाहिए। सभी बीमार जो चिकित्सा और पुनर्प्राप्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं और सभी देनदार जो अपने ऋणों के भुगतान के लिए दुआ कर रहे हैं, उन्हें नीमे-शाबान के दिन और रात के दौरान अल्लाह सर्वशक्तिमान से दुआ करनी चाहिए।

सभी मोमेनीन एक दूसरे के सहयोग से इस साल इमाम ज़मान (अ.त.फ.श.) के जन्म को पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर और अनोखे तरीके से मनाएँ। सभी लोगों को इमाम की हिफाजत के इरादे से रोज़ाना जितना हो सके कुरान पढ़ना चाहिए। इस दसतूर को मत छोड़ो। इन्शाल्लाह, महदवियत के संस्कारों को जीवित रखते हुए, पूरी मुस्लिम उम्माह महदवी बन जाएगी।

हे अल्लाह, हमें इमाम के साथियों और सहायकों में से करार दे और इस धरती और आकाश के स्वामी का साथी बनाते हुए शहादत नसीब कर।

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