۶ تیر ۱۴۰۱ |۲۷ ذیقعدهٔ ۱۴۴۳ | Jun 27, 2022
رضا سرسوی

हौज़ा/ दीने इस्लाम और मकसदे कर्बला को पूरी जिंदगी शेरी ज़बान में घर-घर पहुंचाने वाले वर्ल्ड शोहरत याफ्ता शायर अलहाज, क़ाज़ी, सैय्यद, रज़ा, रज़ा सिरसीवी को उनके पैतृक कब्रिस्तान में सुपुर्दए खाक किया गया

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , दीने इस्लाम और मकसदे कर्बला को पूरी जिंदगी शेरी ज़बान में घर-घर पहुंचाने वाले वर्ल्ड शोहरत याफ्ता शायर अलहाज, क़ज़ी, सैय्यद, रज़ा, रज़ा सिरसीवी को उनके पैतृक कब्रिस्तान में उनको सुपुर्दए खाक किया गया
78 वर्षीय रज़ा सिरसवी का मुरादाबाद के एक अस्पताल में निधन हो गया, अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में उलेमा, विद्वान मौजूद थे। उनके हज़ारों प्रियजनों ने उनकी आंखों में आंसुओं के साथ विदाई दी।
मौलाना काज़ी सैय्यद हुसैन रज़ा नकवी द्वारा अंतिम संस्कार की नमाज़ पढ़ाई, रज़ा सिरसीवी की मृत्यु से गहरा सदमा पहुंचा और उनकी भरपाई नहीं की जा सकती।
मरहूम शायेर अहले बैत(अ.स.) बहुत ही शफीक और खलीक अच्छे अख्लाक के मालिक थे और जवानों के दोस्त, बा अमल इबादत गुज़ार थे,
वह चाहते थे कि राष्ट्र के युवा हज़रत सैय्यदो शोहदा और आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ धार्मिक शिक्षा के हर हर मैदान में आगे रहे, और इस मैदान में हमेशा कोशिश करते थे, उनके निधन की खबर के बाद, विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर शोक संदेशों और प्रतिक्रियाओं की एक श्रृंखला शुरू हो गयी।

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