۴ بهمن ۱۴۰۰ |۲۰ جمادی‌الثانی ۱۴۴۳ | Jan 24, 2022
وسیم رضوی

हौज़ा / भारत के सभी विद्वानों,  मातमी अंजुमनो और धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों ने वसीम मुर्तद और उसके 21 मुतावल्लियो और उनके अन्य समर्थकों के खिलाफ सामाजिक बहिष्कार की घोषणा की है और उन्हें कड़ी फटकार लगाते हुए इस्लाम से निष्कासित कर दिया गया है।

होज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, उलेमा, मातमी अंजुमनो, धार्मिक एंव सामाजिक संगठनों के बयान वसीम रिजवी और 21 ट्रस्टियों के खिलाफ आ रहे हैं जिन्होंने शिया वक्फ बोर्ड के चुनाव में उनका समर्थन किया था। अंजुमनो ने वसीम मुर्तद और उसके अन्य समर्थकों का समर्थन करने वाले 21 मुतावल्लियो के खिलाफ सामाजिक बहिष्कार की घोषणा करते हुए वसीम मुर्तद और उसके 21 मुतावल्लियो को इस्लाम से बाहर कर दिया।

जम्मू-कश्मीर

भारत में, कश्मीर, लखनऊ, बनारस, आजमगढ़, दिल्ली, सहारनपुर, बाराबंकी, सांगली, मुंबई, अमरोहा, फैजाबाद और अन्य क्षेत्रों के विद्वानों और संघों ने वसीम रिजवी और उनके सहयोगियों के सामाजिक और धार्मिक बहिष्कार के संबंध मे लिखित और वीडियो बयान जारी किए हैं। उन्होंने सामाजिक बहिष्कार की अपील की है। विशेष रूप से, कश्मीरी विद्वानों ने मौलाना करामत हुसैन जाफरी, मौलाना मुख्तार हुसैन जाफरी, मौलाना आबिद हुसैन जाफरी, मौलाना करार हुसैन जाफरी, मौलाना इनाम अली नकवी, मौलाना जहूर हुसैन नकवी, मक़बूल मक़सूद मौलवी ने निंदा करते हुए बयान जारी किए। सफदर हुसैन जाफरी, मौलाना बशीर हुसैन शाह, मौलाना नजीर हुसैन जाफरी और अन्य ने वसीम रिजवी और उनके सहयोगियों का पूर्ण सामाजिक बहिष्कार करने की घोषणा की और उन्हें इस्लाम से बाहर कर दिया।

आंध्र प्रदेश

इसके अलावा, आंध्र प्रदेश के उलेमा शिया बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना अब्बास बाकरी और मौलाना रिजवान इस्फ़हानी ने भी एक बयान जारी कर वसीम रिज़वी और उनके साथियों को यज़ीदी घोषित किया।

फैजाबाद

फ़ैज़ाबाद के उलेमा ने वसीम रिज़वी और उनके साथियों के अपराध को अक्षम्य घोषित करते हुए एक बयान भी जारी किया। मौलाना मुहम्मद हुसैन, मौलाना वसी हसन खान, मौलाना नदीम रज़ा जैदी, मौलाना मुहम्मद अब्बास मोनिस, मौलाना जफ़ाना, मौलाना मुहम्मद हुसैन। मौलाना हैदर अब्बास, मौलाना मुहम्मद अज़ीम और अन्य विद्वानों ने इजहारे बराअत करते हुए बहिष्कार की घोषणा की।

ज़िला बाराबंकी 

इसी तरह, बारा बंकी जिले के 59 उलेमा ने वसीम रिजवी और उनके सहयोगियों के सामाजिक बहिष्कार और धर्मत्याग की घोषणा करते हुए एक बयान जारी किया। उनमें मौलाना मुहम्मद जाबिर जुरसी, मौलाना सय्यदी सफी हैदर, मौलाना रज़ा हैदर, मौलाना तस्दीक शामिल थे। मौलाना गुलाम अल-सईदीन बाकिरी, मौलाना आलम मेहदी, मौलाना तहकीक हुसैन, मौलाना मूसा रज़ा यूसुफ़ी, मौलाना सैयद अता मेहदी रिज़वी, मौलाना ज़हीर अब्बास, मौलाना मुहम्मद रज़ा इमाम जुमा बारा बंकी, मौलाना सना अब्बास, मौलाना वजीह अकबर और अन्य विद्वानों के नाम सम्मिलित हैं।

लखनऊ

लखनऊ मौलाना अख्तर अब्बास जौन, मौलाना तनवीर अब्बास, मौलाना मुहम्मद मियां आबिदी, मौलाना अरशद हुसैन अर्शी, मौलाना मुशाहिद आलम रिज़वी, मौलाना सईदुल हसन नक़वी, मौलाना हैदर अब्बास रिज़वी, मौलाना सईदुल हसन, डा. सिब्ते नूरी, मौलाना तनवीर अब्बास , मौलाना आलमदार हुसैन, मौलाना मिनहाल हैदर जैदी, मौलाना नज़र अब्बास, मौलाना कलबे आबिद खान, मौलाना अकबर अली, मौलाना आरिफ हुसैन, मौलाना फैज़ अब्बास मशहदी, मौलाना रजा हुसैन रिज़वी, मौलाना हज़रत हुसैन, मौलाना हबीब हैदर, मौलाना अलमदार हुसैन, मौजूद रहे। विद्वानों ने लिखित और वीडियो बयानों के माध्यम से वसीम रिजवी और उनके सहयोगियों के बहिष्कार की अपील की।

लखनऊ के मातमी अंजुमनो ने भी बड़ी संख्या में वसीम रिजवी और उनके अपाहिज साथियों का बहिष्कार करने की घोषणा की है। कुछ मौलवी नुमा लोग चुप हैं, उनकी चुप्पी इस बात का प्रमाण है कि वसीम रिजवी और उनके बीच कितनी सहानुभूति है। वसीम रिज़वी को शिया वक्फ बोर्ड के सदस्य के रूप में लाने के लिए पूरी कोशिश की है।

दिल्ली

अहलेबैत काउंसिल ऑफ इंडिया ने दिल्ली से एक बयान जारी कर वसीम रिजवी और उनके साथियों की हरकतों की निंदा की और उनके सामाजिक बहिष्कार की घोषणा की। जौनपुर से मौलाना सफदर हुसैन जैदी, अंजुमन जवानाने मकतबे हुसैनी बनारस, अंजुमने दस्ते हैदरी ज़ैदपुर,अंजुमने दस्ते हुसैनी मेरठ, अंजुमने इमामिया सहारनपुर, अंजुमने अकबरिया सहारनपुर, आज़मगढ़ के इमामे जुमा मौलाना हसन रज़ा और वरिष्ठ धार्मिक विद्वान मौलाना सियादत हुसैन साहब  ने वसीम रिजवी के पक्ष मे मतदान करने वालो का सामाजिक बहिष्कार की घोषणा की।

सीतापुर

इसके अलावा, मौलाना हमीदुल हसन ज़ैदी, मौलाना मुहम्मद हुसैन हुसैनी, मौलाना ज़हीर हसन ख़ान, मौलाना हसन इमाम आबिदी, मौलाना सैयद जावेद हैदर जैदी, सीतापुर से मौलाना अलमदार हुसैन कानपुर ने भी एक बयान जारी कर निंदा की।

मुंबई

मुंबई से मौलाना हुसैन मेहदी हुसैनी, और मजमा-ए उलेमा खुत्बा मुंबई के सभी सदस्य और मौलाना वज़ीर अस्करी अबीदी गोवंडी, मौलाना सैयद गुलाम अस्करी इमामे जुमा करला, मौलाना सैयद अशरफ इमाम ज़ैदी इमाम जुमा मालाद, मौलाना वक़ार महदी सज्जादिया इमामबाड़ा बांद्रा, मौलाना हसन इमाम हैदरी जामिया मस्जिद मीरा रोड ने एक वीडियो स्टेटमेंट भी जारी किया जिसमें वसीम रिजवी और उनके साथियों को मुर्तद करार देते हुए सामाजिक बहिष्कार का आह्वान किया।

बंगाल

मौलाना अमान हैदर और अल फलाह फाउंडेशन (पश्चिम बंगाल उलेमा) के सदस्यों ने भी वसीम मुर्तद की निंदा करते हुए एक सामाजिक बहिष्कार का आह्वान किया।

ईरान

इसी प्रकार, ईरान में भारतीय विद्वानों के पांच से अधिक संगठनों ने वसीम मुर्तद और उनके समर्थकों की निंदा की और लोगों से उनका बहिष्कार करने की अपील की।

नोट: वसीम मुर्तद और उनके सहयोगियों का बहिष्कार करने वाले विद्वानों और संघों की पूरी सूची बाद में जारी की जाएगी। इस सूची में कुछ नाम शामिल हैं। पूरे भारत से विरोध, निंदा और बहिष्कार जारी है।

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