۱۱ تیر ۱۴۰۱ |۲ ذیحجهٔ ۱۴۴۳ | Jul 2, 2022
امام رضا (ع) کے حرم میں اعمال شب قدر اور شب ضربت کی عزاداری

हौज़ा/ माहे मुबारके रमज़ान कि शबे19 यानी पहली शबे कद्र के आमाल हजरत इमाम रज़ाअलैहिस्सलाम के हरम में यस और प्लीज की मुकम्मल पासदारी के साथ इंतिहाइ रूहानी माहौल में अंजाम दिए गए

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , कोरोना वायरस के फैलाव को नज़र में रखते हुए इमाम अली रज़ा अलैहिस्सलाम के हरम में आमाले शबे कद्र और शबे ज़रबत की अज़ादारी का प्रोग्राम दो हिस्सों में अलग-अलग वक्त में अंजाम दिए गए
ताकि मोमिनीन और आज़ादारो का बैक वक्त ज्यादा मजमा इकट्ठा ना हो सके,पहले भाग में, शबे क़द्र के कार्य और शोक 10 बजे से 12 मध्य रात्रि तक और दूसरे भाग में, शबे क़द्र के कार्य दोपहर 12:30 बजे से 2 बजे तक किए गए थे।
इस मानवीय प्रोग्राम में उलमा और ज़ाकरीन ने शबे कद्र की फज़ीलत और इस तरह हज़रत अली अलैहिस्सलाम के फज़ायेल और कमालात पर रोशनी डाली, जबकि हरम में मौजूद ज़ायरीन और मज़ीवेरी ने सरों पर कुरान रखकर
अपने अल्लाह की बारगाह में उम्मते मुसलमा और पूरी इंसानियत की,फलाह और बहबूती के लिए दुआएं मांगी हरम में मौजूद मोमिनीन और सोगबारो  ने हज़रत अली अलैहिस्सलाम के सारे मुबारक पर ज़र्बत लगाने कि मुनासेबत से नोहा पड़ा और मातम कीया और मौला की मज़लूमीयत पर आंसू बहाए
हज़रत इमाम अली अलैहिस्सलाम की शहादत की मुनासिब से हजरत इमाम में रज़ा अली सलाम के हरम पर पूरी तरह काले परचम लगाएंगे
और हरम में यस और प्लीज की मुकम्मल पासदारी के साथ इंतिहाइ रूहानी माहौल में अंजाम दिए गए

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