۲۹ اردیبهشت ۱۴۰۱ |۱۷ شوال ۱۴۴۳ | May 19, 2022
आयतुल्लाह सईदी

हौज़ा / ईरान के क़ुम प्रांत मे वली फ़क़ीह के प्रतिनिधि ने अफगानिस्तान में शियो के नरसंहार पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा: एकता सप्ताह के दिनों के करीब और अफगानिस्तान से आतंकवादियों की शर्मनाक वापसी के बाद, इन खूनी अपराधों का लक्ष्य अलगाववाद और राष्ट्रीय एंवम धार्मिक युद्ध के अलावा और कुछ नहीं है, और इन दर्दनाक घटनाओं से किसी को नहीं बल्कि वैश्विक अहंकार का फायदा होता है।। 

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, क़ुम प्रांत मे वली फ़क़ीह के प्रतिनिधि और हज़रत फ़ातिमा मासूमा (स.अ.) के हरम के ट्रस्टी के बयान का पाठ इस प्रकार है:

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्राहीम

इन्ना लिल्लाहे वा इन्ना इलैहे राजेऊन

अफगानिस्तान में एक बार फिर उत्पीड़ित शियाओं की हत्या ने इस्लामी जगत के दिलों को दुखी कर दिया है। एकता सप्ताह के दिनों के करीब और अफगानिस्तान से आतंकवादियों की शर्मनाक वापसी के बाद, इन खूनी अपराधों का लक्ष्य अलगाववाद और राष्ट्रीय एंवम धार्मिक युद्ध के अलावा और कुछ नहीं है, और इन दर्दनाक घटनाओं से किसी को नहीं बल्कि वैश्विक अहंकार का फायदा होता है।

मैं अफगानिस्तान के वर्तमान शासकों से अफगानिस्तान के पूरे राष्ट्र और विशेष रूप से इस देश के उत्पीड़ित शियाओं को सुरक्षा प्रदान करने का आह्वान करता हूं। इस महान अपराध की जितनी निंदा की जाए कम है।

हरमे करीमा ए अहलेबैत (अ.स.) के पास से, मैं अल्लाह से इस दुर्घटना के शहीदों के दरजात को ऊंचा करने और शोक संतप्त के लिए धैर्य प्रदान करने की दुआ करता हूं।

वली फ़क़ीह के प्रतिनिधि और दरगाह हजरत फातिमा मासूमा (स.अ.) के ट्रस्टी

सैयद मोहम्मद सईद

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