۲۸ مرداد ۱۴۰۱ |۲۱ محرم ۱۴۴۴ | Aug 19, 2022
मौलाना

हौज़ा / आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई के कार्यालय की ओर से हुसैनिया सिब्तैनाबाद में आयोजित दूसरी मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना क़ल्बे जावाद नकवी ने कहा, जिस वक्त दुश्मन पैग़ंबरे इस्लाम पर ताना देते थे की अल्लाह ने उनकी नस्ल को कत्अ कर दिया है उस वक्त अल्लाह तआला ने सूरा ए कौसर को नाज़िल किया और आपको हजरत फातेमा ज़हरा की सूरत में बेटी आता कि आज उन्हीं कि नस्ल पूरी दुनिया में फैली हुई है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , लखनऊ ,हज़रत रसूल इस्लाम स.ल.व.व. की एकलौती बेटी हज़रत फातेमा ज़हरा की शहादत के मौके पर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई के कार्यालय की ओर से इमामबारगाह हुसैनिया सिब्तैनाबाद में दो दिवसीय मजलिस में दूसरी मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना कल्बे जवाद नक़वी ने कहा, हज़रत फातेमा ज़हरा का मर्तबा बहुत बुलंद हैं।

मजलिस को खिताब करते हुए मजलिस ए उलेमा ए हिंद के जनरल सिक्रेटरी मौलाना सैय्यद कल्बे जवाद नक़वी ने सूरा ए कौसर की आयत के अर्थ को समझाते हुए कहा कौसर से मुराद हज़रत फातेमा ज़हरा है, और यह आयत उन्हीं की शान में नाज़िल हुई है।

जिस वक्त दुश्मन पैग़ंबरे इस्लाम पर ताना देते थे की अल्लाह ने उनकी नस्ल को कत्अ कर दिया है उस वक्त अल्लाह तआला ने सूरा ए कौसर को नाज़िल किया और आपको हजरत फातेमा ज़हेरा की सूरत में बेटी आता कि आज उन्हीं कि नस्ल पूरी दुनिया में फैली हुई है।

मौलाना ने आगे कहा कि आज पूरी दुनिया में सादात इकराम की मौजूदगी यह बता रही है कि पैग़ंबरे इस्लाम स.ल.व.व.कि नस्ल उनकी बेटी के ज़रिए हर जगह फैली हुई है। जबकि रसूल अल्लााह को ताना देने वालों की नस्ले खत्म हो गई।

मजलिस के अंत में मौलाना ने हज़रत फातेमा ज़हरा की शहादत को बयांन करते हुए उसके मसायब को बयान किया, और उस हदीस को बयान किए जो रसूले इस्लाम ने फरमाई थी फातेमा मेरे जिगर का टुकड़ा है जिसने फातेमा को तकलीफ दी उसने मुझे तकलीफ पहुंचाई जिसने मुझे तकलीफ पहुंचाई उसने अल्लाह को तकलीफ पहुंचाई मगर रसूल के इंतकाल के बाद उनके घर को जलाया गया और फातेमा पर बहुत ज़ुल्म किया गया।

भारी बारिश के बावजूद मोमिनीन ने बड़ी तादाद में मजलिस में शिरकत की और अहले बैत अ.स. अलैहिस्सलाम को पुरसा दिया।

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