۲ خرداد ۱۴۰۱ |۲۱ شوال ۱۴۴۳ | May 23, 2022
खुम्स

हौज़ा/हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा सैय्यद अली ख़ामनेई ने,काम और पेशे के औज़ार पर ख़ुम्स,, के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दिया है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा सैय्यद अली ख़ामनेई ने काम और पेशे के औज़ार पर ख़ुम्स के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दिया है। जो शरई मसाइल में दिलचस्पी रखते हैं पूछे गए सवाल और उसके जवाब का उल्लेख कर रहे है।

पूछे गए सवाल के प्रश्न और उत्तर का पाठ इस प्रकार है:
सवाल: क्या काम और पेशे के औज़ार पर ख़ुम्स एक बार अदा कर देना काफी है या उनकी कीमत के इज़ाफे की सूरत में हर साल इज़ाफा होने वाली कीमत का ख़ुम्स अदा करें?
उत्तर:,काम और पेेेशे के औज़ार में एक दफा ख़ुम्स अदा करने के बाद जब तक इन्हें बेचा नहीं जाता इनमें ख़ुम्स नहीं है, और इन्हें बेचने के बाद जिस वक्त बेच रहा है कीमत को अलग करने के बाद जो फायदा हुआ है वह माल में शुमार होगा, अब अगर वह फायदा वाली कीमत ख़ुम्स देने की तारीख आने तक जीवन के कामों में खर्च ना हो जाए तो उस कीमत पर उस खुम्स वजिब हैं।

لیبلز

تبصرہ ارسال

You are replying to: .
7 + 2 =