۲۲ مرداد ۱۴۰۱ |۱۵ محرم ۱۴۴۴ | Aug 13, 2022
علامہ اشفاق وحیدی

हौज़ा/आज इस्लामिक क्रांति के माध्यम से इज़राइल की हार संभव है।इमाम खुमैनी (र.ह.) के विचार से ही मज़लूमों और वंचितों की मदद संभव है।जहाँ आतंकवाद और सामरिज्म के लिये बाज़ार गर्म है, इसके पीछे अमेरिका और इज़रायल जैसी ताकतें काम कर रही है, हमको ऐसी ज़ालिम ताकतों का सामना मिलकर करना चाहिए,

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,इमाम जुमआ मेलबर्न ऑस्ट्रेलिया हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन अशफाक वहीदी ने दहफज्र कि मुनासेबत पर अपने एक बयान में कहा कि जब दुनिया में अंधेरा ही अंधेरा था और युवाओं में ना उम्मीद ही थी,
ऐसी परिस्थितियों में इस्लामी क्रांति ने आशा दी और एक किरन बनकर उभरा और दुनिया में बसने वाले सभी मज़लूमों और वंचितों की एक आंस बन कर सामने आया


हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन अशफाक वहीदी ने कहां,कि इराक, बहरैन और यमन को शांति का उद्गम स्थल बनाने के लिए संयुक्त राष्ट्र को अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इज़रायल हमेशा से जुल्म और बर्बरता के ज़रिए राजनीतिकरण करता रहा है।

लेकिन अब मज़लूमों और वंचितों और मासूम बच्चों का खून बहाना बंद करें अब अत्याचारों का सूरज ढलने वाला है।
हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन अशफाक वहीदी ने कहां,आज इस्लामिक क्रांति के माध्यम से इज़राइल की हार संभव है।

इमाम खुमैनी (र.ह.) के विचार से ही मज़लूमों और वंचितों की मदद संभव है।जहाँ आतंकवाद और सामरिज्म के लिये बाज़ार गर्म है, इसके पीछे अमेरिका और इज़रायल जैसी ताकतें काम कर रही है, हमको ऐसी ज़ालिम ताकतों का सामना मिलकर करना चाहिए,

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