۱۶ تیر ۱۴۰۱ |۷ ذیحجهٔ ۱۴۴۳ | Jul 7, 2022
मौलाना

हौज़ा/ अल्लाह की बारगाह में इस्तेगफार दुआ, मुनाजात, टाइम पर नमाज़ अदा करने पर ही जन्नत और अल्लाह की रहमत मिलेगी,

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , लखनऊ,संस्थापक तंज़ीमुल मकातिब मौलाना सैय्यद गुलाम अस्करी र.ह. के भतीजे प्रमुख,तंज़ीमुल मकातिब मौलाना सैय्यद सफ़ी हैदर ज़ैदी के मामेरे भाई जनाब सैय्यद बाक़िर अस्करी के तहरीम कि मजलिस तंज़ीमुल मकातिब हाल लखनऊ में आयोजित कि गई मजलिस कि शुरूआत कुरआन शरीफ कि तिलवात से हुई
उसके बाद शोआरा ने शेर पेश किए

मौलाना हैदर अब्बास रिज़वी फाज़िल जमिया ईमामिया ने कुरआन पाक के सूरहे ग़ाफिर कि आयत नं 60,, की तिलावत की और उसके अनुवाद को समझाया,,और तुम्हारे परवरदिग़ार ने फरमाया हैं कि तुम मुझ से दुआ करों मैं तुम्हारी दुआ का उत्तर दूंगा। ईस बात को बयान करते हुए रजब कि फज़िलत बयान किए यह महीना रजब है, रजब अल्लाह का महीना हैं।

लेकिन जैसे स्वर्ग को बहाने से नहीं कर्मों से प्राप्त होती है वैसे ही यह महीना अल्लाह की बारगाह में इस्तेगफार दुआ, मुनाजात, टाइम पर नमाज़ अदा करने पर ही जन्नत और अल्लाह की रहमत मिलेगी,
इस मजलिस में जामिया इमामिया के शिक्षक और छात्र, तंज़ीमुल मकातिब के नौकर और कार्यकर्ता और सहयोगी शामिल हुए

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